Tribute To The Father Of Modern India

Tribute To The Father Of Modern India
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Tribute To The Father Of Modern India...!
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*हम आदरांजली अर्पण करते है याने सही मायनेमे क्या करते है? दो मिनट मौन के साथ, ऑख मुदकर, सावधान रहकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते है, श्रद्धांजलि अर्पित जरूर करते है वास्तव मे दो मानीटे मे क्या करना होता है???*
*डॉ.बाबासाहब द्वारा किये गये कार्य के प्रती कृतज्ञ होकर उनके पावन स्मृति को स्मरण, उनके स्वप्न को साकार एवं पूर्ण करने का संकल्प तथा दृढ निश्चय कर प्रतीग्याबद्ध होना मतलब प्रत्येक व्यक्ति ने स्वयं स्पूर्ती से अपने कर्तव्यों के प्रती वचनबद्ध होने की प्रतीज्ञा लेना यही हमारी सही मायनेमे आदराजली होती है.*
   *हम भावनाओं मे बहकर पुरजोर होकर केवल जय-जयकार करते है इसके साथ साथ उनके साहित्य का अध्ययन और अध्यापन कर समाज को जगाने का संकल्प करना माने सही आदराजली होती है.*
☸ *डॉ.बाबासाहब खुद स्वयं के आंदोलन की समीक्षा करते, क्या पाया? और क्या करना है?*

  ☸ *हमने बेशुमार पाया जो बाबासाहब ने दिया...!*

*१)मनुस्मृति द्वारा जिन्हे शिक्षा से वंचित रखा गया था उन्हें शिक्षा का अधिकार दिया.*

*२)संपत्ति से वंचित समाज जिनके लिये कानून बनाकर उन्हें नौकरी के माध्यम से साधन संपत्तिवान बनाया.*

*३)हजारों सालों से जिनका स्वाभिमान मर चूका था ऐसे लोगों में स्वाभिमान निर्माण किया और बहोत अनगिनत कार्य.*

*बेशुमार कार्य करने के बावजूद भी डॉ. बाबासाहब को इन बातो का अफसोस रहा..!*

  ☸  *क्या करना है?*
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*डॉ.बाबासाहब ने कहा था: "गाँव देहातों में रहने वाले मेरे लोगों के लिए कुछ खास नहीं कर पाया"!*
     *विगत कई वर्षे से विद्वान तथा सुशीक्षीत व्यक्ति शहरो के शिक्षीत व्यक्तियों को सामाजिक परीवर्तण हेतु जगा रहा है अब साथ साथ हमारा संकल्प हो के, हम गाँव देहातों में रहने वाले पिछडो, वंचीत घटको, विद्यार्थियों के उत्थान हेतु कार्य करे!*
*आज का दिवस अखिल मानव जीवन का सबसे द:खद दिवस जो त्याग समर्पण और बलिदान का दिवस डाँ.बाबासाहब के कार्य को आगे ले जाने और असमानता वादी समाज व्यवस्था मे पिछडो, वंचीत घटको, विद्यार्थियों के उत्थान और समाज मे स्वतंत्र, समता और बंधुता प्रस्तापित करने हेतु सम्यक संकल्प का प्रामाणिक प्रयास माने सही आदराजली होगी!!!*
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माहापरीनिर्वाण दिवस संकल्प दिवस
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