विद्यार्थ्यांयों के भविष्य को अंधकारमय होने से बाल बाल बचाने वाले IAS सचिव मा.धीरज कुमार सर
समाज में सही मायने में समाज के लिए समाज के हित में शासन करने वाली लोग कैन होते हैं उसका जिंदा उदाहरण मा.धीरज कुमार सर IAS सचिव आरोग्य विभाग महाराष्ट्र इनके माध्यम से उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग महाराष्ट्र शासन द्वारा आयोजित स्वास्थ्य सेवकों,स्वास्थ्य निरीक्षकों और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों आदि की परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें लगभग 200 से 250 छात्रों के नाम चयन सूची में घोषित किये गये थे इनमें कुछ डिप्लोमा स्तर की पात्रता पर परिक्षा लिए गई कुछ विद्यार्थीयों ने प्रतिष्ठित संस्थानों से अपना डिप्लोमा कोर्स पूरा किया था और कुछ विद्यार्थीयों ने सामान्य संस्थाओं से डिप्लोमा कोर्स किया था उन सामान्य संस्थाओं के विद्यार्थीयों को डर था के उनका डिप्लोमा निरस्त किया जायेगा। यह जानकारी विद्यार्थीयो द्वारा राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले अभ्यासिका के समन्वयक रोहित मेश्राम सर को दि गई उसपर राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले अभ्यासिका टिम निलेश रायबोले सर,विजय शेंडे सर, लक्ष्मण बैसणे, दिनेश जामनीक सर, सोहन धंदर सर इन सारी टीम ने अपने तरीके से पुरजोर कोशिश की और मामला पहुंचा IAS...