दुष्ट न्यायी सज्जनऔर सर्वोत्तम पुरुष के बारे में तथागत बुद्ध और मनोवैज्ञानिक एरीक एरीसन्स के विचार
दुष्ट न्यायी सज्जनऔर सर्वोत्तम पुरुष के बारे में तथागत बुद्ध और मनोवैज्ञानिक एरीक एरीसन्स के विचार 🌻🌻🦋🌻🌻 समाजिक तथा व्यक्तीगत जिवन में विविध प्रवृत्ती के व्यक्तीत्व दिखाई देते हैं जो व्यक्तीगत गुण वैशिष्ट्य द्वारा समाज में अक्सर दिखाई देते हैं जो योग्य अयोग्य,स्वार्थी निस्वार्थी,दुष्ट न्यायी,सज्जन और सर्वोत्तम पुरुष को पहचानने वाले लक्षन दिखाई देते हैं। तथागत बुद्ध ने पहली बार इन्सान के मन में उत्पन्न होने वाले विकार तथा मन पर कार्यरत करने के उपरान्त दोनों परिस्थिति में व्यक्ती विशेष के गुण दोष दिखाई देते हैं इसी मानसिक गुणों की बात विश्व के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एरीक एरीसन्स बुद्ध की बुनियादी शिक्षा अपने सिद्धांत में वर्णित करते हैं। मनोवैज्ञानिक एरीक एरीसन्स ने संघटन तथा व्यक्तिनिष्ठा पर जागतिक सर्वेक्षण से अपना मत प्रर्दशित किया है। समाज का नेतृत्व करने के लिए सदाचरण,स्वार्थत्याग और समाजनिष्ठा इनकी विद्वत्तासे अधिक जरुरत होती है क्योंकि समाज में कोई भी सत्कार्या से प्रवृत्त होणा यह शुद्ध मन का गुणधर्म होता है इस सर्वेक्षण से ऐसा दिखाई दिया...