छत्रपती शिवाजी महाराज और..... दृष्टिकोण


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छत्रपती शिवाजी महाराज और..... दृष्टिकोण..!
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     *छत्रपती शिवाजी महाराज के दौर मे राजाओं की सत्ता और संपत्ति के लिये जंग होती थी ना के धर्म के लिये! परंतु कुछ स्वार्थी लोगोने इसे धर्म युद्ध की संज्ञा दे दी और परिणाम यह हूआ के कई सालो तक हिन्दू मुस्लिम झगडा चलता रहा. उस आग मे घी डाला गया पर उसे शांत नही किया गया, परंतु उस दौर मे भी समाज मे अमन कायम करने मे कुछ लोग और संघटन लगे रही उन्होंने आगे आकर जागृति का कार्य किया उसका यह परिणाम है के विगत दस वर्षे मे दंगे फसाद नही हुए, विपरीत परीस्तीती आज भी पैदा की जाती है पर जागृति का कार्य पुरजोर होने से सामाजिक गलतफहमी को दुर कर समाज को  संघटीत तथा भाईचारा बनाने का कार्य किया गया और वह सारे लोग और संघटन आज भी कार्यरत है वे सारे अभीवादन के पात्र है.*
      *समाज ने हमेशा सच्चा इतीहास जानना चाहिए और उसकी चिकित्सा भी करनी चाहिए, कोई गलत इतीहास बताता है और हम उसके पुरातन संदर्भ को जाचे बिना विश्वास कर लेते है और सही मान लेते है. छत्रपती शिवाजी महाराजाका झूठा इतीहास क्यो रखा गया? जेम्सलेण द्वारा दादाजी कोंडदेव क्यो लिखा गया? उनके गुरु, संत तुकाराम महाराज के बदले रामदास स्वमी क्यो रखा गया? उनके राज्याभिषेक को क्यो नकारा गया? क्या कारण रहा के सच्चे इतीहास को तोड मरोड कर रखा गया? और हम लोग सत्य और झुठ मे फर्क करना भी जरुरी नही समझे.*
    *सच्चा इतीहास समाज मे उजागर क्यो नही किया गया? सन 1869 को राष्ट्रपिता जोतीबा फुलेजी ने रायगड किले पर छत्रपती शिवाजी महाराज की समाधी को ढुंढ निकाला, उनके जिवनी पर शौर्यगाथा (पोवाडा) लिखा. महाराज का कार्य घर घर मे लेजाने के लिये 1870 मे उन्होंने पुणे मे  शिवजयंती की शुरुआत की, उस समय बाल गंगाधर तिलक मात्र 12 वर्ष के थे तब से यह जन्मोत्सव शुरू किया गया बाद मे यह जयंती उत्सव क्यो और कैसे बंद हुआ? उनकी बहुमूल्य धरोहर दप्तरखाना कैसे जला? शिवजयंती की तारीख और तिथी का झगडा किसने लगाया? धर्म के ठेकेदार ने गलतफहमी और समाज का भाईचारा क्यो बिगाडा? सारे सवालों का जवाब ढुढना जरुरी है.*
    *मावळा यह छत्रपती शिवाजी महाराज के सैनिक जिसमे सारे धर्म, जाती के लोग थे परंतु मुस्लिमो के बारेमे ज्यादाही गलतफहमी क्यो पैदा की गई? लडाई धर्म युद्ध की थी ऐसा झूठ क्यो कहा गया, जबकी संघर्ष सत्ता संपत्ति का था यह बातो को दरकीनार किया गया जहा सामाजिक भाईचारा जो शिवाजी महाराज ने कायम कीया था उसकी बुनीयाद भी उतनीही मजबूत थी.*
    *शिवाजी महाराज ने रायगढ़ में अपने किले के सामने मुस्लिमों के लिए मस्जिद बनाई जो आज भी मौजूद है, उनके के 13 अंगरक्षक थे जो मुसलमान थे, इब्राहिम खान तोपखाना प्रमुख थे, क़ाज़ी हैदर उनके वकील थे, नूर खान थल सेना के प्रमुख थे, सिद्धि हिलाल अफ़ज़ल खान को मारने के लिए हथियार बनाने वाले थे, रुस्तम ए ज़मान अफ़ज़ल खान पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी थी मानों अधिकतर मुसलमान शिवाजी महाराज की सेना में थे जो कुल 30% से ज़्यादा थे यह सारे छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के भरोसेमंद थे बल्कि धोखेबाजो मे शिवाजी महाराज पर हमला करने वाले मात्र कृष्णा भास्कर कुलकर्णी थे. क्या यह जानकारी सामाजिक सौहार्दता को बनाये रखने हेतु अधीकृत रूप से जन जागृति की जिम्मेदारी किसकी है? सरकार की ? समाज की ? पढे लिखे लोगों की?*
   *समाज ने अपने विवेक को बढाकर धर्म द्वेश त्यागकर मानवाधिकार को जनहीतार्थको, प्राथमिकता दे कर सामाजिक तैर पर समाज को तैयार करते के लिये नैतीक चारीत्र्य के निर्माण के लिये प्रयत्नशील रहना चाहिए, यह गुण निर्माण करने हेतु समाज के बुद्धीजीवी वर्ग ने लोक जागृती कर राष्ट्र निर्माण के कार्य करना चाहिए और बंधुत्वता की भावना का अधीक विकास करना चाहिए!*

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