दृढ़संकल्प विस्तृत है।
दृढ़संकल्प विस्तृत है। समाज में बहुसंख्यक लोग सुनी-सुनाई बातों पर आंखें मूंदकर विश्वास करने वाले ज्यादातर लोग मौजूद है। इसके विपरीत खुली आंखों से उस विषय की वास्तविक जानकारी तथा कारण की वजह जानने वाले थोड़े लोगों होते हैं। ऐसे बहुसंख्य लोग आपना अलग विश्र्व का निर्माण करते हैं जो एक पुश्तों से रुढ़ी परंपरा एवं संस्कारों की बैसाखी लेकर बड़े होते-होते बुढ़ापे में जाकर मर जाते हैं। ऐसे लोगों को अपने जीवन में काल्पनिक, मरीचिका एवं आभासी माणसीकता की आदत पड़ने से उन्हें काल्पनिक व मित्था बातों ज्यादा समर्पक और अच्छी लगती हैं। विषय और उसकी कारणों की वजह जानने की जरूरत महसूस नहीं होती। रेगिस्तान के मरीचिका को पानी समझना,पाणी भरे काचके ग्लास में डाली गई लकड़ी का तिरछा दिखाई देना परंतु सत्य मात्र कुछ और होता है ऐसे लोगों का आभासी जग इस तरह का विश्व होता है और अन्य लोगों भी अपने इस राह पर चले ऐसा उन्हें अपेक्षित होता है। वर्तमान में इस तरह के बहुसंख्य लोग दिखाई देते हैं जो समाज को नकारात्मक पथ से मार्ग क्रमन क...