भारत रत्न राजर्षि शाहु महाराज
🙏🏻💐💐🙏🏻 भारत के इतिहास में गौतम बुद्ध ने राज्य त्याग करकर विश्व के कल्याण का विचार किया। चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने मानव कल्याण के किया कार्य किया ज्योतिबा फुले, शाहू जी महाराज ने भी इन्हीं महापुरुषों के कदमों पर चलकर समाज में समता, बंधुत्व,स्वतंत्रता का आंदोलन निरंतर चलाया।छत्रपति शाहूजी महाराज का समाज के लिए किया गया अद्भुत कार्य को देखकर कानपुर के कुर्मी समाज ने उनको राजर्षी यह उपाधि प्रदान की। उनके नाम से देशमे समाजीक न्याय दिवस मनाया जाता है। छत्रपति शाहूजी महाराज कि शिक्षा राजकोट के राजकुमार कॉलेज में हुई अपने उम्र के 20 वे साल मे वे कोल्हापुर संस्थान के राजा बने 1902 में इंग्लैंड के केंब्रिज विद्यापीठ ने उन्हें LLD यह पदवी दी। छत्रपति शाहूजी महाराज का समुचे समाज के प्रति समाजीक दृष्टिकोण का कारण यह है कि उनको शैक्षणिक और उदारीकरण का दृष्टिकोण विदेशी शैक्षणिक दृष्टिकोण के कारण हुई। उन्हें फितुझ राँल्ड नामके बुद्धिमान अंग्रेज शिक्षक को शिक्षा के लिए नियुक्त किया। वे राजकोट के राजकुमार काँलेज मे पढे उनको आगे पढाने के लिए फ्रेझर नामक शिक्षक ...