सिध्दार्थ गौतम द्वारा शांती समझौता मतलब आज कि मध्यस्थता (Mediation)
सिध्दार्थ गौतम द्वारा शांती समझौता मतलब आज कि मध्यस्थता (Mediation) विवाद मे समझौता,मध्यस्तता के माध्यम से होता रहा है जो पंचायत,बिरादरी,परिवार के मुखिया या बुजुर्गो के माध्यम से सदीयों से समस्या पर समझौता किया जाता रहा है दो हजार पांचसौ साल पूर्व सिध्दार्थ गौतम द्वारा विवाद पर समझौता के द्वारा समस्या सुलझाना यह मध्यस्थता का मुलाधार है।वर्तमान मे संविधानिक और कानूनी तौर पर न्याय व्यवस्था मे बडे प्रभावी रूप से मध्यस्थता (Mediation)सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है। मध्यस्थी याने (Mediation)जो न्यायव्यवस्था, न्यायदान मे इस विकल्प के माध्यम से(CPC) Civic Procedure Code धारा 89 के तहथ विवाद को व्यक्ति की इच्छा से कार्यपद्धति की प्रक्रिया का अवलंब कर आपस मे समझौता करने के लिये तटस्थ व्यक्ति के सहभाग से विवादीय पक्षकारों को एकजगह लाकर उनमे संमति के माध्यम से समझोता करने को मध्यस्थता काहा जाता है। मध्यस्थता (Mediation)मे जो तटस्थ व्यक्ती को Mediator कहा जाता है यह व्यक्ति प्रशिक्षत एवं तज्ञ व्यक्ती होते हैं जिनमें न्यायमूर्ती, न्यायाधीश, निवृत्त न्यायाधीश, ...