जयंती और संकल्प

14 अप्रेल डॉ.बाबासाहब की जयंती के उपलक्ष मे हमारी जिम्मेदारी और सम्यक संकल्प क्या है ???*
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        *डॉ.बाबासाहब के जयंती पर 280 करोड ₹ से अधीक केवल महाराष्ट्रात मे जयंती उत्सव हेतु खर्च किये थे.उत्सव प्रियता हमारी संस्कृति और स्वाभीमाण है उत्सव तो होना ही चाहिए परंतु वह मध्यम मार्ग पर चलकर उत्सव मनाना जरुरी है, हम सब मिलकर सामाजिक कार्य को अधीक गती दे सकते है. डॉ.बाबासाहब समाज के प्रती गंभीर चिंता व्यक्त करते है वे चिंतीत थे अन्होने जन समूह के लिये, उनके समर्थकों के लिये, भूमिहीन मजदूर जो आज स्लम झुग्गी मे रह रहे है उनके लिये, बौद्ध भिक्षुओं (अब यह अनुयायियों की भी जिम्मेदारी है),शासकीय कर्मचारियों (सोए कर्मचारियों को जगाकर) छात्रों एवं युवाओं से (सही समय पर सम्यक ग्यान IAS,IPS,IRS बनाने के लिये कार्य) इन सब के लिये चिंतित थे. हमारे बजट मे इन समस्याओं पर गंभीरता से कार्य के लिये नियोजन करना जरुरी है, जिससे हमारे समाज के जरूरतमंद भाईबहनों का भविष्य बनाने के लिये मदत होगी और यह संभव भी है.*
   *हर व्यक्ती WhatsApp group admin है अपने Group का उद्देश्य समाज को परीणाम देणेवाला कार्य करना यह ध्येय उद्देश्य होंगा तो हम हमारे "Downtrodden Society" के लिये सम्यक उपक्रम की शुरुआत करे तो बाबसाहब को सही मायने मे अभिवादन तथा आदरांजली होगी,क्योंकि जयंती उत्सव मौज मजा के एवज मे सम्यक संकल्प कर सामाजिक परीवर्तण करने के लिए वचतबद्ध होना है.*

*राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले अभ्यासीका"परीवार का संकल्प कोई भी शासकीय अनुदान एवं मदत के बगैर 18 मार्च 1956 के भाषण की बुनीयादी जरुरत पर 2012  से 365 दिवस कार्यरत रहकर महाराष्ट्रा मे 48 अभ्यासीकाये जो पुर्णत:निशुल्क है जगह और पैसे के अभाव मे कछ अभ्यासिका विहारो मे चालाइ जा रही है. जिससे समाज के 4500 से ज्यादा गरीब बच्चे लाभ लेकर सम्यक मार्ग पर चल रहे है. समाज के लिये निशुल्क अभ्यासिका निर्माण कर किया गया संकल्प इस उपक्रम के माध्यम से समाजको "Pay back to Society" अपने आय का 5% तथा 20 वा भाग कर्मचारीयो दानदाताओ द्वारा दान कर आचरणशील प्रामाणिक प्रयास करने की कोशिश जारी है.*

*जयंती पर आपका संकल्प क्या है???*
    महाराष्ट्रामे कुल  जिले
36 प्रत्येक जिल्ह्यामे कमसेकम 5 जगह जयंती प्रत्येक का खर्च 50000
36×5×50000=9,000,000
तालुका मे 355 कम से कम 3 जगह जयंती ...कम से कम खर्च 30000
355×3×30000=3,13,50,000
गाव 43,137 जयंती खर्च 20000
43137×20000= 86,274,000 कुल खर्च=
*126,624,000 ₹ रुपया होता है*

    *व्यर्थ,फिजुल खर्चे जानेवाला पैसा मतलब बडे पैमाने पर  DJ, फटाका प्रदुषन,रोशनाई,लाखो हजारों का गेट,लाखों का भव्य मंडप,बडे बडे भव्य बँनर्स, होर्डिंग कटाऊट्स स्वयं के भव्य बँनर, और खानेपर बडे पैमाने पर खर्च (आज खाना खाने के बजाये बौद्धिक खाद्य पुस्तकों पर खर्च हो) लाखो के  मनोरंजनात्मक कार्यक्रम कर Outputs क्या? Result क्या?... मनोरंजन?आज प्रबोधन के साथ साथ जमीन पर जाकर कृतीगत कार्यक्रम बेहद जरुरी है???*

    *यह खर्च अभ्यासीका निर्माण के लिये अथवा सम्यक उपक्रम द्वारा जरूरतमंद होनहार भटके हुए युवको युवतींयो को सम्यक दिशा देकर समाजको परीणाम, देणेवाला कार्य "राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले अभ्यासिका"की तरह (Result Oriented Work) कार्य किया जा सकता है जिससे समाज सशक्त होनेके लिये यथायोग्य मदत होगी.*
*क्या है हमारी जिम्मेदारी?*
      *हम अपने आप को अनुयायी मानते है तो कार्य और परीणाम को सामाजिक केन्द्रबिंदु मानकर सम्यक संकल्प कर, कार्य से बेहतरीन परिणाम लाये जा सकते है.*
*जयंती धुमधडाकेसे मनाइये उत्सव होना ही चाहिए परंतु!!! जयंती के साथ साथ सामाजिक कार्या के लिये पैसा खर्च किया जाये तो समाजका उद्धार होगा यह सही मायने मे डॉ.बाबासाहब को परिणाम कारक अभीवादन होगा!!!.*
*डॉ.बाबासाहब की जयंती पर आपका संकल्प क्या होगा?नियोजन करे समाज को सक्षम बनाये!!!*

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