राष्ट्रपिता जोतिबा फुले सारे भारत रत्नों से भी महान है.

रिफार्मर & कल्टीवेटर के कोड राष्ट्रपिता जोतिबा फुले सारे भारत रत्नों से भी महान है.
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    डॉ.बाबासाहब अंबेडकर स्वास्थ्य बिगड़ के कारण बंबई के होटल मिराबिल में इलाज के चलते 4 जनवरी,1954 को रविवार को बॉम्बे के प्रसिद्ध स्टूडियो, अत्रे पिक्चर्स मराठी की पेशकश 'महात्मा फूली' का उद्घाटन किया गया और 21 दिसंबर, 1955 को फिल्म पुरस्कार समारोह प्रस्तुत किया गया क्या यह पुरस्कार मात्र महापुरुष का सही सन्मान है? भारत के सारे भारतरत्न और सारे पुरस्कारोसेभी राष्ट्रपिता जोतिबा फुले का कार्य महानतम है.
    समाजिक सुधार और कल्टीवेटर का कोड़ राष्ट्रपिता जोतिबा फुले द्वारा शूद्र समुदाय की रक्षा के लिए(शेतकऱ्याचा असूड)किसान का कोडा और समाजिक अन्याय अत्याचार की आवाज बने भारत के व्हाल्टेयर राष्ट्रपिता जोतिबा फुले और सत्यशोधक संप्रदाय का सच्चा अनुयायी आज महाराष्ट्रात मे मैजूद नही है लेकिन आंबेडकरी विचारधारा के तत्सम अनुयायी और (RJPA) राष्ट्रपिता जोतिबा फुले अभ्यासिका यह कारवाँ भारत देश मे आगे बढा रही है.
     सनातन रुढिवादीयों की गालियां झेलकर, बागी बनकर शुद्रों अस्पृश्यो की इन्सानियत खत्म होने, सनातन समाजकी लडकियों स्त्रियों अनाथ विधवाओं इनका जिना नर्क है या जानकर जोतिबाने सामाजिक एवं धार्मिक वर्चस्वपर आक्रमण किया यह कार्य कोई बडे दिलवाला सामाजिक उदारतावादी ही कर सकता है.
    महापुरुष अपने किए कार्य से अमर हो जाते है जो समाजिक सुधार का कार्य अपने आदर्शों से प्राप्त करते है और उनके सच्चे अनुयायी उनके कार्य को आगे बढाकर संघर्ष कि मशाल जलाये रखते है. समता, ग्यान, विद्या और स्वाभिमान के बिज समाज मे प्रस्तापीत कर अपना संपूर्ण जीवन पुर्णकालिन सामाजिक कार्य को समर्पित कर अपने खून से समाजिक परिवर्तन का दिपक जलाकर समाज को प्रकाशित कर बिना मानधन और वेतन लिये स्वयं की संपत्ति को समाजिक उन्नति पर निछावर कर शिक्षा से समाज मे ग्यान कि निर्मिती,जातीनिर्मुलन,स्त्री पुरूष समानता, शिक्षकी भूमिका, धर्मचिकित्सक,अंतरजातीय विवाह,साहित्यिक,उद्योगपती, व्यापारी,किसान और सत्यशोधक डाँ.बाबासाहब आंबेडकर के गुरू, त्याग और समर्पण का नाम राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जयंतीकी हार्दिक शुभकामनाएँ.....महान महापुरुष को कोटि कोटि अभीवादन!!!

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