Movement पर हम भी कुर्बान...

नामवीस्तार दिवस 14 जनवरी तथा शहीद भीमसैनीको को विनम्र अभीवादन!
Movement हेतू  हम भी कुर्बान...
"Unforgettable History"
🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨

  *जाळले गेलो तरी*
  *सोडले नाही तुला..*
  *कापले गेलो तरी*
  *तोडले नाही तुला..*
  *भिमराया घे तुझ्या या लेकरांची वंदना....*

*मराठवाडा जी.औरंगाबाद महाराष्ट्र मिलीद माहावीद्यालय का कोनशीला समारंभ 1950 मे उदघाटक डॉ.बाबासाहब आंबेडकर को मानीकचद पाहाडीया और गोवीदभाइ श्राफ डॉ.बाबासाहब से पूछते है महाविद्यालय चलेगा क्या? डॉ.बाबासाहब करते है, केवल माहाविद्यालय चलेगा ही नही, यहाँ विश्ववीद्यालय की बेहद्द जरूरत है और 1958 मे औरंगाबाद मे विश्ववीद्यालय स्थापीत हुवा. यह सच्चा इतिहास होने के बावजूद भी विश्ववीद्यालय को डॉ.बाबासाहब का नाम देने मे जानबूझकर विलंब किया जाता रहा. इस दैरान सनातनीयो ने लेगोकों बहकाने की बोहोत कोशिश की लेकिन आत्मसन्मान की लड़ाई ज्वालामुखी बन चुकी थी.*
*11 नव्हबर 1979 पहला लॉगमार्च दिक्षाभुमी से औरंगाबाद  आयु.जोगेंद्र कवाडे सर और भिम सैनिको के नेतृत्व मे चला यह संघर्ष 17 वर्ष चला. इस दौरान नामातर संघर्ष मे 25 नव्हे 1993 को गौतम वाघमारे का बलीदान भी हुवा और अन्य भिम सैनिको के त्याग समर्पण और बलिदानो की कुर्बानी से 14 जानवरी 1994 को विश्ववीद्यालय का नामवीस्तार किया गया जिसे डॉ.बाबासाहब का नाम दिया...*
*शहीद भीमसैनी को, को विनम्र अभीवादन!*
🙏🙏💐🙏🙏

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