निस्वार्थ मदत और उसका परिणाम
🔥🔥🔥🔥 समाज में कुछ लोग पूरी तरह से स्वयं होकर निर्पेक्ष मदद करने की पहल करते हैं क्योंकि ऐसे लोगों को मदत, सहायता करने के कुशल कर्म के महत्व का एहसास हो गया होता है। व्यक्तिगत,संगठनात्मक या संघीय, कुछ लोग बहुसंख्यक लोगों को पूर्णरुपसे निर्पेक्ष सहायता कर उनके कार्य में हाथ बँटाना और सामाजिक सहायताका कार्य कर इस शृंखला को सक्रिय कर अधीकांश लोगों तक समाज मे आगे बढ़ाने की जरूरत है। समाज के विभिन्न घटकों ने हमे विभिन्न तरह से हमारी मदद की है, जिसका परीणाम उनके फल कि मिठास आज चख रहे है अनुभव कर रहे है। मदत के कुशल कर्म और सहायता के कर्मों से अवगत होकर हमने जरूरत और आवश्यकता के समय जरुरतमंदो को सहायता करना याने समाज द्वारा हमें प्राप्त हुआ ऋण समाज को लौटाना होता है। मदय और सहायता का स्वरूप यह समय, बुद्धि, धन, प्रयास, आत्मविश्वास, मार्गदर्शन जैसे विभिन्न रूपों में होता है जो सम्यक और विधायकतापुर्ण कुशल कर्म है। कुशल कर्म एक गतिमान क्रिया है जो उद्देश्यपूर्ण और सचेत रूप से की जाती है। कुशल कर्म हमारी स्थिति को निर्धारित करता है। ...