I cant breathe और आंदोलन
“I can’t breathe”, "मैं सांस नहीं ले सकता” मारता क्या न करता! उसने गुहार लगाई, गिड़गिड़ाया मरने वाले व्यक्ति ने सारी कोशिशें की लेकिन कृर संस्कृति का शिकंजे का पैमाना इतना अधिक था, के इन्सानीयत की आवाज को समझती कृरता गुंगी, बहरी और अंधी हो जाने से इंसान का मानवता के प्रति नैतिकता के व्यवहार की अपेक्षा शुन्य हो जाती है। USA अमेरिका की यह घटना, मिनेपोलिस शहर में 25 मई 2020 को पुलिस द्वारा एक अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लायड की गला घोंटकर हत्या के पश्चात अमेरिका का श्वेत और अश्वेत समुदाय सड़कों पर उतर कर मानवीय अत्याचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करते है। सत्ताधारी श्वेत मानसिकता द्वारा अश्वेतों पर अत्याचार से कृर हत्या के खिलाफ अश्वेतो के आंदोलन का नेतृत्व श्वेतो द्वारा बढ़-चढ़कर आगे आकर आंदोलन का नेतृत्व श्वेत अश्वेत से उपर उठकर केवल मानवीय दृष्टिकोण अंकित करता है जो भारत के सामाजिक दृष्टिकोण से पुरी तरह विपरीत है। वहां अश्वेतों के कारण केवल भेदभाव होता है लेकिन भारत में अनुसुचीत जाती जनजिती होने के कारण भेदभाव अत्याचार के साथ हत्याएं भी होती है। 2014 न्यूयॉर्क में इसी तर...