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The Buddha and his Dhamma Post 101 to 110

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पोस्ट 101 सर्व संस्कार अनित्य हैं ऐसा मानना ही धम्म है 1) अनित्यता के सिद्धांत के तीन पहलू हैं। 2) अनेक तत्वों से मिलकर बनी वस्तुएँ अनित्य हैं। 3) व्यक्तिगत रूप में प्राणी अनित्य है। 4) प्रतीत्यसमुत्पन्न वस्तुओं का आत्मतत्व अनित्य है। 5) अनेक तत्वों से मिलकर बनी वस्तुओं की अनित्यता को बौद्ध आचार्य असंग ने अच्छी तरह स्पष्ट किया है। 6) असंग कहते हैं - सभी वस्तुएँ हेतु और प्रत्यय के कारण उत्पन्न होती हैं। उनका अपना कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता। हेतु-प्रत्ययों का उच्छेद हो जाने पर वस्तुओं का अस्तित्व नहीं रहता। 7) सजीव प्राणियों का शरीर पृथ्वी, आप, तेज और वायु - इन चार महाभूतों का परिणाम है। और इन चार भूतों का पृथक्करण हो जाने पर यह प्राणी प्राणी के रूप में नहीं रहता। 8) "अनेक तत्वों से मिलकर बनी वस्तु अनित्य है" - इस वचन का अभिप्राय उपरोक्त प्रकार का है। 9) सजीव प्राणियों की अनित्यता का वर्णन "वह नहीं है, वह नहीं होता" - इन शब्दों में किया जा सकता है। 10) इस अर्थ में देखा जाए तो जो प्राणी भूतकाल में जीवन व्यतीत कर रहा था, वही प्राणी वर्तमानकाल में नहीं र...

The Buddha and his Dhamma Post 90 to 100

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# धम्म में बुद्ध का स्थान पोस्ट 90 **तथागत बुद्ध ने अपने धम्म में अपने लिए विशेष स्थान नहीं रखा है** **1)** क्राइस्ट स्वयं को ईसाई धर्म का प्रणेता मानते थे। **2)** इसके अलावा, वे स्वयं को ईश्वर का पुत्र मानते थे। **3)** क्राइस्ट की यह शर्त थी कि जब तक मनुष्य यह नहीं मानेगा कि क्राइस्ट ईश्वर के पुत्र हैं, तब तक उसे मुक्ति नहीं मिल सकती। **4)** इस प्रकार, क्राइस्ट ने ईसाई धर्म के अनुयायियों की मुक्ति को क्राइस्ट को प्रणेता और ईश्वरपुत्र मानने पर आश्रित कर दिया, जिससे उन्होंने ईसाई धर्म में अपने लिए एक विशेष स्थान बना लिया। **5)** इस्लाम धर्म के प्रणेता मुहम्मद स्वयं को परमेश्वर के पैगंबर (प्रेषित) मानते थे। **6)** इसके अतिरिक्त, वे यह मानते थे कि मनुष्य को दो शर्तें माने बिना मुक्ति नहीं मिल सकती। **7)** इस्लाम धर्म में मोक्ष के इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले मुहम्मद को ईश्वर का प्रेषित मानना चाहिए। **8)** इस्लाम धर्म में मोक्ष के इच्छुक व्यक्ति को यह भी मानना चाहिए कि मुहम्मद परमेश्वर के अंतिम पैगंबर हैं। **9)** इस्लाम धर्म में उपरोक्त दो शर्तों को मानने वालों के लिए ही मोक्ष क...