The Buddha and his Dhamma Post 79 to 89
सोपाक और सुप्पीय अस्पृश्यों को धम्मदीक्षा पोस्ट 79 *1) सोपाक श्रावस्ती का एक अस्पृश्य था। उसके जन्म के समय प्रसूति वेदना के कारण उसकी माँ बहुत देर तक बेहोश होकर पड़ी रही। इस कारण उसके पति और रिश्तेदारों ने सोचा कि वह मर गई है। उन्होंने उसे श्मशान ले जाकर उसके शरीर को जलाने की तैयारी की।* *2) परंतु हवा और बारिश के कारण अग्नि जल नहीं पाई, इसलिए सोपाक की माँ को चिता पर छोड़कर वे चले गए।* *3) सोपाक की माँ उस समय मरी नहीं थी। बाद में उसकी मृत्यु हुई, मृत्यु से पहले उसने बच्चे को जन्म दिया।* *4) श्मशान के रखवाले ने उस बच्चे को गोद लिया और सुप्पीय नाम के अपने ही बच्चे के साथ उसका भी पालन-पोषण किया। उस बच्चे की माँ की जाति का नाम सोपाक था, इसलिए वह बच्चा भी उसी नाम से जाना जाने लगा।* *5) एक दिन तथागत उस श्मशान के पास से जा रहे थे। तथागत को देखकर सोपाक उनके सामने आया। तथागत को वंदन करके उनका शिष्य बनकर उनके साथ आने की उसने उनसे अनुमति माँगी।* *6) सोपाक उस समय केवल सात वर्ष का था, इसलिए तथागत ने उसे अपने पिता की सहमति लाने को कहा।* *7) सोपाक गया और अपने पिता को लेकर आया। पिता ने तथाग...