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6 दिसंबर माहापरीनिर्वाण दिवस समर्पण दिवस! 🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨🕯🕯🕯🕯26अलीपुर रोड दिल्ली🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨 *अखिल मानव के जीवन का सबसे दु:खद दिवस;समाज व्यवस्था मे परीवर्तन और इंसानियत प्रस्तापित करने हेतु सबसे बड़ा दान,त्याग और बलिदान का दिवस.* *आजके दिन शुभ्र वस्ञ परिधान कर सामूहिक वंदना कर यह दु:ख दिवस शांततापूर्ण व गंभीरता पूर्वक, आजके दिन आदराजली अर्पन करते है.* *हम आदरांजली अर्पण करते है याने सही मायनेमे क्या करते है? दो मिनट मौन के साथ, ऑख मुदकर, सावधान रहकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते है, श्रद्धांजलि अर्पित जरूर करते है वास्तव मे दो मानीटे मे क्या करना होता है? दो मिनट मे बाबासाहब के कार्य को स्मरण कर उनके स्वप्न को पूर्ण करने का दृढ निश्चय कर प्रतीग्याबद्ध होना यही सही मायने में आदराजली होती है।* *डॉ.बाबासाहब द्वारा किये गये कार्य के प्रती कृतज्ञ होकर उनके पावन स्मृति को स्मरण, उनके स्वप्न को साकार एवं पूर्ण करने का संकल्प तथा दृढ निश्चय करना मतलब समाज मे जाकर जमीनी स्तर पर कार्यकर परिणाम को हासिल करेने के प्रति प्रतीग्याबद्ध होना मतलब प्रत्येक व्यक्ति ने स्वयं स्पूर्ती से अपने कर्तव्यों के प्रती वचनबद्ध होने की प्रतीज्ञा लेना यही हमारी सही मायनेमे आदराजली होती है.* *हम भावनाओं मे बहकर पुरजोर होकर केवल जय-जयकार करते है पेट भरने के लिये खाना परोसते है परंतु इससे भी ज्यादा उनके साहित्य का अध्ययन और अध्यापन कर समाज को जगाकर उसपर अंमल करने का संकल्प करना माने सही आदराजली है।* *हमारा_चिंतन*☸ *आंदोलन की समीक्षा! हमने क्या किया और उसका क्या परिणाम मिला?* परिणाम के लिये हमारी जिम्मेदारी?🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨*डॉ.बाबासाहब ने कहा था: "गाँव देहातों में रहने वाले मेरे लोगों के लिए कुछ खास नहीं कर पाया"!* *विगत कई वर्षे से विद्वान तथा सुशीक्षीत व्यक्ति शहरो के शिक्षीत व्यक्तियों को सामाजिक परीवर्तण हेतु जगा रहा है, अब साथ साथ हमारा संकल्प हो के, हम गाँव देहातों में रहने वाले पिछडो, वंचीत घटको, विद्यार्थियों के उत्थान हेतु तथा जित के उन्मूलन हेतू कार्य करे!* *आज का दिवस अखिल मानव जीवन का सबसे द:खद दिवस जो त्याग समर्पण और बलिदान का दिवस डाँ.बाबासाहब के कार्य को आगे ले जाने और असमानता वादी समाज व्यवस्था मे पिछडो, वंचीत घटको, विद्यार्थियों के उत्थान और समाज मे स्वतंत्र, समता और बंधुता प्रस्तापित करने हेतु सम्यक संकल्प का प्रामाणिक प्रयास करना माने सही आदराजली होगी!!!*Tribute To The Father Of Modern India..!🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨 🙏🙏🙏🙏

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6 दिसंबर माहापरीनिर्वाण दिवस समर्पण दिवस! 🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨 🕯🕯🕯🕯 26अलीपुर रोड दिल्ली 🇸🇨🇪🇺☸🇪🇺🇸🇨      * अखिल मानव के जीवन का सबसे दु:खद दिवस;समाज व्यवस्था मे परीवर्तन और इंसानियत प्रस्तापित करने हेतु सबसे बड़ा दान,त्याग और बलिदान का दिवस. *         * आजके दिन शुभ्र वस्ञ परिधान कर सामूहिक वंदना कर यह दु:ख दिवस शांततापूर्ण व गंभीरता पूर्वक, आजके दिन आदराजली अर्पन करते है. *        * हम आदरांजली अर्पण करते है याने सही मायनेमे क्या करते है? दो मिनट मौन के साथ, ऑख मुदकर, सावधान रहकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते है, श्रद्धांजलि अर्पित जरूर करते है वास्तव मे दो मानीटे मे क्या करना होता है? दो मिनट मे बाबासाहब के कार्य को स्मरण कर उनके स्वप्न को पूर्ण करने का दृढ निश्चय कर प्रतीग्याबद्ध होना यही सही मायने में आदराजली होती है। *        * डॉ.बाबासाहब द्वारा किये गये कार्य के प्रती कृतज्ञ होकर उनके पावन स्मृति को स्मरण, उनके स्वप्न को साकार एवं पूर्ण क...

जुनी पेंशन संघर्ष

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न्यायालयीन NPS पेंशन फायटर यांचा संघर्ष आज कालचा नसून मागील दहा वर्षाचा आहे. 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳       *न्यायालयीन जागृत कर्मचारी मागील दहा वर्षांपासून संवैधानिक पद्धतीने जुनी पेंशनचा लढा लढण्याचा प्रयत्न करत न्यायीक कर्मचाऱ्यांत जागृतिची मशाल तेवत ठेवणे करीता जन आंदोलन व संवैधानिक मार्गाने मागील दहा वर्षां पासून जमेल त्या पद्धतीने प्रयत्नशील आहेत ज्यचा परिणाम सकारात्मक दिसत आहे.*        *जुनी पेंशन सर्वांना मिळावी या करीता आपण सर्व न्यायालयीन कर्मचा-यांनी जागृति गतिमान होत असतांना DCPS/NPS महसूल, मध्यवर्ती व शिक्षक कर्मचारी मरण पावले त्यांचे कुटूंबाला आर्थिक आधार नव्हता अशा वेळी विविध पेंशन हक्क संघटनेने आर्थिक आधार दिला.* *काही मृत कर्मचाऱ्यांच्या परिवारास मुलभूत गरजा पुर्ण न होणारी अल्पशी पेंशन मिळाली जी परिस्थिती विदारक होती याच दरम्यान औरंगाबाद खंडपीठात महसूल व इतर संघटनेच्या याचीका सुद्धा खारीज झाल्या होत्या या काळात कर्मचा-यांना आशेचा किरण निर्माण होणे गरजेचे होते आणि कर्मचारी जागृती करीता महाराष्ट्र पेंशन हक्क संघटना ज्यात...

यौन शोषण अभिभावक और सामाजिक जिम्मेदारी!🌷🌷🌼🌷🌷#आपके_लड़के_लड़कियों_और_बच्चों_कि_सुरक्षा के लिए!🔥🔥🔥🔥*संकलन:-**सुरेन्द्र मेश्राम**अमरावती*🔥🔥🔥🔥🔥 वीडियो देखें और समझें:- https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2412514719008617&id=1552199775040120&ref=dbl&_ft_=mf_story_key.🌹🌹🌹🌹 https://m.youtube.com/watch?v=AUtVoPxEHTI *जब मासूम बच्चों के नियमित प्राकृतिक व्यवहार में अचानक कोई बदलाव आजाता है तो समझ आता है कि बच्चा कुछ छुपा रहा है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, अगर इस बातका पता चल जाए, तो यह यौन दुराचार और अत्याचार हैं इस विषय और समस्या को माता-पिता ने गंभीरता से अवगत होने की आवश्यकता है। नाबालिगों के यौन शोषण पर जानकारी देकर जागृति नीर्मान करना एक नागरिक के रूप में हमारी जिम्मेदारी है। हम अधिक सतर्क रहें और समुदाय में बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ निवारक उपायों के बारे में जागरूकता पैदा करें।* *बाल शोषण क्या है?* *ढके हुआ बच्चे के शरीर का व्यक्तिगत अंग जिसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से और अमानवीय कृत्य से छुआ जाना मतलब बाल शोषण है।* *समाज परिवार मे कोई भी संपर्क, स्पर्श, या कोई क्रिया या व्यवहार जो बच्चे के शरीर को चोट पहुँचा सकता है या नुकसान पहुँचा सकता है; जिससे बच्चों में शर्म का एहसास,अपमान महसूस होगा और सभी प्रकार की मर्यादा को तोड़ दिया जाएगा यह शोषण होता हैं।लड़कियों और लड़कों का यौन शोषण जो मानसिक रूप मे होता हैं जिसमें बच्चे मंद बुद्धि,कम ज्यादा उम्र के,किसी भी नस्ल के, किसी भी लिंग के, ग्रामीण और शहर के,गरीब अमीर या सामाजिक-आर्थिक मानदंड किसी भी स्तर के बच्चे यौन शोषण के शिकार हो सकते हैं।समाज में 4 लड़कियों में से 1% तथा 7 में से 1 लड़का शोषण दर के 50% में शोषण के बारे में आँकड़े देता है। यह प्रतीशत माता-पिता को चिंतित करने के लिए पर्याप्त है।* *असुरक्षित क्षेत्र* *इस क्षेत्र में वह स्थान होता हैं जहाँ से कोई व्यक्ति बच्चों को धोखा दे सकता है जीसे असुरक्षित क्षेत्र कहलाता है। बच्चों के शोषण के लिए जिम्मेदार व्यक्ति 90% परिचित होते है। इसमें हमारेही रिश्तेदार, परिचित और उनके पहचान एवं भरोसे का फायदा उठाकर अश्लील हरकतें करने वाले लोगों होते हैं।* *सुरक्षित क्षेत्र: -* *सुरक्षित क्षेत्र वह स्थान होता है जहां बच्चे इस क्षेत्र में सुरक्षित महसूस करते हैं। इसमें मां, दादी, बहन, दादा, पिता शामिल हैं।* *सर्वेक्षण का भयावह सच:-* *5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों को शोषण और दुर्व्यवहार का सबसे अधिक खतरा होता है। इनमें शारीरिक, यौन और मानसिक शोषण शामिल होता हैं। यदि यौन शोषण और यौन अपराधों की पुनरावृत्ति जारी रहती है, तो इसका पीड़ित के मानस पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। 50% से अधिक यौन अपराध विश्वास आधारित, अंतर्मुखी घर में किए जाते हैं। और 90% अपराध परिचितों द्वारा किए जाते हैं। जबकि 21% बच्चे गंभीर यौन शोषण की रिपोर्ट करते हैं, 50% बच्चे यौन शोषण के अन्य रूपों का अनुभव करने की रिपोर्ट करते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके बच्चे घर पर, या यहां तक ​​कि विश्वसनीय परिचितों के साथ भी सुरक्षित नहीं होते हैं, और अधिकांश बच्चे इस प्रकार के दुर्व्यवहार की रिपोर्ट किसी को नहीं करते हैं।* *सामाजिक जागरूकता: -* *जो व्यक्ति किसी बच्चे का यौन शोषण करता है, वह बहुत ही भरोसेमंद और करीबी होता है क्योंकि पारिवारिक संबंध टूटने का डर होता है या इस डर से कि कोई उस पर विश्वास नहीं करेगा इस लिये वे अपनी बात सार्वजनिक तौर पर कहते नहीं है। अगर जो बच्चा यह बात समाज में कहता है उसके साथ अलग नजरियेसे व्यवहार करने का प्रयास समाज के कुछ संकुचित लोग करते हैं जीस कारण वह पिढी सामाजिक रूप से दुखी होती हैं।* *अभिभावक शिक्षकों के लिए जागरूकता और समाधान।* *1) ऐसे में बच्चों को "NO" चिल्लाना सिखाएं।* *2) सुरक्षित स्पर्श, भ्रमित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श "अच्छा" और "बुरा" स्पर्श के बीच अंतर स्पष्ट करें।* *3) लड़के-लड़कियों को समझना चाहिए कि किसी को भी आपके गुप्तांगों को छूने या चोट पहुंचाने का अधिकार नहीं है।* *4) अजनबियों से खाना, पीना, खेल, उपहार आदि न लें।* *5) बच्चों को बताएं कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का ​​उपयोग कैसे करें।* *6) पुलिस या बाल संरक्षण एजेंसियों को रिपोर्ट करें। पुलिस की सहायता कैसे प्राप्त करें इस बारेमे बताएं।* *बाल शोषण समस्या के समाधान के लिए माता-पिता को शुरू से ही अपने बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए। किसी भी विषय पर आपसे बात करते समय उन्हें उदास नहीं होना चाहिए। अपने बच्चों के व्यवहार को अनजाने में देखना,के कहीं उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन तो नहीं आरहा हैं* *सार्वजनिक हित मे जारी!*

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राष्ट्रीय विधि सेवा दिवस

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National Legal Service Day  कानूनी जागरूकता सप्ताह  (नवंबर 9 से 16 नवंबर)   जनहीत मे जारी         भारत के संविधान का अनुच्छेद 39-ए समाज के सभी वर्गों को न्याय प्रदान करता है और समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है ताकि समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से न्याय पाने में कोई कठिनाई न हो यह मायने रखता है।  संविधान के अनुच्छेद 14 और 22(1) के तहत सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है।  समाज के कमजोर वर्गों को समानता के आधार पर सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) की स्थापना की गई है।  न्यायालयों का आयोजन किया जाएगा।    (नालसा) नई दिल्ली में है;  राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने और लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्यों में लोक अदालत लोगों की अदालतों का संचालन करने के लिए प्रत्येक राज्य में कानूनी सेवा प्राधिकरण की स्थाप...

राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले अभ्यासिका व शासकीय धोरण

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राष्ट्रपिता_ज्योतिबा_फुले_अभ्यासिका_व_शासकीय धोरण 🇸🇨🇪🇺☸️🇪🇺🇸🇨        राज्य शासनाने सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग यांचे शासन निर्णय संकीर्ण 2021/प्र.क्र 79/ अजाक दि.6/10/2021 नुसार अनुसूचित जाती आणि नव बौद्ध वस्तीचा विकास योजनेच्या सोबतच ग्रामीण भागातील विद्यार्थ्यांना अभ्यासिका, वाचनालय सेवा उपलब्ध व्हावी या करीता "संविधान सभागृह" शासकीय नवी योजना तयार करण्यात आली आहे. तसेच समाज घटकाांपयंत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांचे विचार पोहोचवण्या करीता अभ्यासिका सुरु करणे, राज्य व केंद्र शासनाच्या विविध योजनांची माहिती ग्रामीण भागापर्यंत पोहिचवणे यासाठी राज्यात ग्रंथालय व अभ्यासिका यासारख्या अद्ययावत सुविधांसह “संविधान सभागृह” सुरु करण्यास शासकीय मांजूरी प्रदान करण्यात आली आहे. सन 2012 पुर्वी अभ्यासिका या शब्दा ऐवजी वाचनालय,लायब्ररी असा शब्दप्रयोग केला जात असे 2012 नंतर डॉ.प्रशांत रोकडे सर यांनी अभ्यासिका असा शब्दप्रयोग केला आज ठिक ठिकाणी समाज अभ्यासिका असा शब्दप्रयोग करत आहे. पुर्व नालंदा विद्यापीठात तिन अभ्यासिका होत्या रत्नोदय,रतनोदधी आणि रत्नरंजक जेथे ...